Monthly Archives: अगस्त 2010

चार चित्र आज़ादी के…

आज फिर मैं अपनी सहेली चैंडी द्वारा ली हुयी कुछ तस्वीरें पोस्ट कर रही हूँ… कैप्शन मैंने लिखे हैं. आज़ादी का छोटा सा मतलब… (सभी चित्र मेरी सहेली चैंडी के कैमरे से )

Posted in photoblog | Tagged , | 28s टिप्पणियाँ

मैं प्यासी

… जब घुमड़ घिरी घनघोर घटा रह-रहके दामिनी चमक उठी, उपवन में नाच उठे मयूर सौंधी मिट्टी की महक बिखरी, बूँदें बरसीं रिमझिम-रिमझिम सूखी धरती की प्यास बुझी, पर मैं बिरहन प्यासी ही रही… … … … ये प्रकृति का … Continue reading

Posted in कविता सा कुछ/ poetry | Tagged , , , , , | 34s टिप्पणियाँ

तस्वीरें बोलती हैं शब्दों से ज्यादा

सोचा था कि फ्रेंडशिप डे पर तो आज कुछ नहीं लिखूँगी. वैसे ये पोस्ट उस पर है ही नहीं. ये मेरी एक सहेली के बारे में है. चंद्रकांता भारती, जिसे प्यार से हमलोग ‘चैंडी’ कहते हैं, हॉस्टल के दिनों से … Continue reading

Posted in photoblog | Tagged , | 34s टिप्पणियाँ