कभी-कभी लगता है कि ज़िंदगी कितनी बकैत चीज़ है. कितनी बेरहम. किसी की नहीं सुनती. कभी नहीं रुकती. लोग आयें, बिछड़ जाएँ. साल आयें, बीत जाएँ. ये चलती ही जाती है. सब कुछ रौंदती. किसी बुलडोज़र की तरह अपना रास्ता बनाती.
तो ये चल रही है. तारीखों के आने-जाने का इस पर कोई असर नहीं. कुछ खास तारीखें बस एक मौका देती हैं, मुड़कर एक बार देख लेने का कि ज़िंदगी कितनी बीती, कैसे बीती? कुछ हिसाब-किताब खोने-पाने का. कुछ अफ़सोस, कुछ खुशियाँ. नए साल की पूर्व संध्या भी ऐसी ही एक तारीख है जो अचानक मानो अपनी धुन में चल रही ज़िंदगी को एक झटका देती है कि ‘देख, तू बीत रही है. धीरे-धीरे रीत रही है और एक दिन खाली हो जायेगी, चुक जायेगी.’ तब होश आता है कि दोस्तों, ये ज़िंदगी तो ऐसी ही है. इसे लाइन पर लाना पड़ेगा. क्यों भाग रही है दुनिया से रेस मिलाने को? रोको इसे. कुछ लम्हें चुरा लो, कुछ खुशियाँ झटक लो. नहीं तो ये बीत जायेगी और हम हाथ मलते रह जायेंगे.
तो मैंने भी इस साल कुछ खुशियाँ झटकने की कोशिश की है. एक नया ब्लॉग बनाया है कि मैं नए-नए लोगों के विचार और भावनाएँ जान सकूँ और उसे अपने दोस्तों को बता सकूँ. … और एक पपी पाली है ‘सोना.’ ये मेरा खुद से खुद को क्रिसमस और नए साल का उपहार है. खुशियाँ कहीं बाहर नहीं होतीं, अपने ही अंदर होती हैं, बस उनको खींचकर बाहर निकालना होता है, नहीं तो ये बेरहम ज़िंदगी उन्हें अपने साथ ही लिए जायेगी. खुशियाँ मनाने का ये मेरा अपना तरीका है. अपने जन्मदिन पर अकेली थी, तो खुद ही जाकर पेस्ट्री ले आयी और रात में एक मूवी देखते हुए पेस्ट्री खाई और आज मैं अपनी पपी के साथ नए साल की खुशियाँ मना रही हूँ. उसे पेस्ट्री नहीं खिला सकती तो उसका हिस्सा भी खुद खा रही हूँ
सोना येलो लेब्रेडोर है. अभी सिर्फ़ सैंतीस दिन की है, इसलिए मुझे उसको ठण्ड से बचाने के लिए अपने पास सुलाना पड़ता है और वो किसी छोटे बच्चे की तरह मेरी बाँह पर सर रखकर सो जाती है. मेरे हिलने-डुलने पर अजीब सी आवाज़ निकालती है गूं-गूं करके
ये रही उसकी कुछ फोटोग्राफ्स
- सोना को कम्बल में लपेटकर रखना पड़ता है.
- ये भी कली की तरह सोती है
- इसके कारण पूरी फर्श पर दरी बिछानी पड़ी
- पीछे सोना का घर है, जो मेरे बेड पर रखा है :-)
इससे मिलती-जुलती कड़ियाँ:















आप सभी को नव वर्ष की मंगल कामनाएँ….
नए सपने, नए संकल्प और नए प्रनिमानों के साथ स्वागत करें नववर्ष २०११ का !
नए आये मेहमान के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएँ… हाँ उसकी पेस्ट्री आपको नहीं खानी थी .. हम लोग भी तो थे इधर …
नया ब्लॉग बहुत अच्छा लगा… शुभकामनाएँ .
आपका सोना तो कनक कनक ते सौ गुनी… लगता है.
सोना प्यारी प्यारी सोना
अपनी दीदी के साथ अच्छे से सोना
बर्तन मांजना कपड़े धोना
खुश खुश रहना कभी न रोना
खुशहाल रखना घर का हर कोना
उम्मीदें जगाना सपने बोना
कभी न लगे तुम्हें जादू टोना
नव वर्ष पर सोना को विशेष रूप से नए घर की बधाइयाँ और शुभकामनाएँ
जायेंगी कहाँ खुशियाँ. और कब तक लुका-छिपी खेलेंगी ! 2011 आ गया है न !
नए साल में नई नई खुशियाँ आये, आप मुस्कुराती रहें. अपने जन्मदिन पर नहीं बुलाया तो क्या हुआ. सोना के जन्मदिन पर दोस्तों को उनका हक मिले, ऐसी कामना करता हूँ
जो लोग इनसे प्यार करते हैं मेरा विचार है उन्हें ही प्यार की वास्तविक समझ होती है ! आपको यह कभी अकेला महसूस नहीं होने देगी वैसे भी विश्व की सबसे समझदार नस्ल है यह ! शुभकामनायें
लेब्रो का टेम्पर बहुत कुछ सिखा देता है हमको भी। आपका सोना मूल्यवान है।
नए साल का उपहार बहुत प्यारा है …..
नव वर्ष की शुभकामनायें
anmol sona
अरे सोना तो बहुत प्यारी है..
अगले महीने आ रहे हैं तुमसे मिलने.. इसको कटहा कुक्कुर मत बना देना.. हमको भी इससे खेलना है..
चलिए अब आपको एक स्थायी साथिन मिल गयी ,अब टेम्पररी साथी भी कोई साथी होते हैं!
नया वर्ष नए अवसर नयी खुशियाँ लेकर आये !
आप का सोना तो वाकई बहुत ही शोना शोना है ..नए साल की हार्दिक बधाई
ओह नये साल पर सोना के साथ सोना? बड़ी अच्छी पपी है आपकी। शुभकामनाएं।
अरे, बड़ा प्यारा कुकुर है।
(वैसे मन उदास है कुछ। घर के पास सड़क पर कोई वाहन पिलवा को मार गया। कुतिया मां रो रही है रात भर से। )
Naye varsh ki shubhkamnayen Aradhna ji. Aapke blog ka review kiya hai inext newspaper me. PDF ke liye kpratibha.katiyar@gmail.com par mail karen. thanks!
कंबल…दरियां….
ऐसा लगने लगा…कि जैसे क़िस्मत नाम की कोई चीज़ होती हो शायद….
कितनी प्यारी लग रही है..सोना….और बिलकुल छोटे बच्चो की तरह पैर उठा कर खेल रही है….:)
तुम्हे नव-वर्ष बहुत बहुत मुबारक हो….सोना…खरे सोने जैसी खुशियाँ लेकर आएगी,जीवन में…
अपडेट्स करती रहना उसकी हरकतें…अपनी सी लगने लगी है, छोटी सी प्यारी सी सोना .
सर्दी से बचाकर रखना ….ओर थोडा निवाया सा गर्म खाने -पीने को देना ….
बहुत क्यूट है
वैसे एक बाद बताऊँ…इस नए साल और क्रिसमस के दिन न मैं भी पेस्ट्री और केक खुद लाकर अकेले खाया था, फिल्म देखते देखते
Potential gold mines found in Kerala!!!!
“सोना” के लिए मुबारकबाद.
मेरे घर आयी एक नन्हीं कली………..truly