आराधना चतुर्वेदी ’मुक्ति’
कुछ यादें... कुछ बातें... कुछ अनुभव... कुछ विचार... वादों-विवादों से परे...!
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Category Archives: आस-पड़ोस
सरकारी अस्पताल में एक दिन
अक्सर एक कहावत टाइप की कही जाती है कि दुश्मनों को भी वकील या डॉक्टर के चक्कर ना लगाने पड़ें। और वो भी सरकारी अस्पताल से तो भगवान ही बचाए। फिर भी हम मिडिल क्लास लोगों को कभी न कभी … Continue reading
कुछ प्रश्न
कुछ प्रश्न हैं, जो अक्सर मस्तिष्क में उमड़-घुमड़ मचाते हैं, लेकिन अफ़सोस उनका जवाब नहीं मिलता। गर किसी के पास किसी एक प्रश्न का उत्तर हो तो बताए प्लीज़- 1. -मुस्लिम आतंकवाद का राग अलापने वालों को हिंदू आतंकवाद क्यों … Continue reading
खतरा कहीं भी हो सकता है
आज मेरे साथ एक ऐसी घटना हुयी, जिसने मुझे कुछ विचलित कर दिया और थोड़ा दहला भी दिया. मैं अक्सर शाम को सोना को लेकर अपने मोहल्ले के पीछे की खाली जगह पर टहलने जाती हूँ. शाम को वहाँ बहुत … Continue reading
आस-पड़ोस की बातें
मेरा मोहल्ला संभवतः दिल्ली का सबसे इंटरेस्टिंग मोहल्ला होगा. इसके ऊपर मैंने कुछ दिन पहले एक लेख भी लिखा था मोहल्ला मोहब्बत वाला . यहाँ पिछले पाँच सालों से रह रही हूँ. इसलिए काफी लोगों से परिचय भी हो गया है. … Continue reading







