आराधना चतुर्वेदी ’मुक्ति’
कुछ यादें... कुछ बातें... कुछ अनुभव... कुछ विचार... वादों-विवादों से परे...!
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‘चौराहे पर सीढियाँ’ को पढ़ते हुए…
आज ही किशोर चौधरी का कहानी संग्रह ‘चौराहे पर सीढियाँ’ पढ़कर समाप्त (?) किया है। समाप्त के आगे प्रश्नचिन्ह इसलिए लगा है क्योंकि कोई भी किताब पढ़कर समाप्त नहीं की जा सकती और चौराहे पर सीढियाँ जैसी किताब तो बिल्कुल … Continue reading
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दुनिया रंगीन सपनों वाली फूलों की सेज नहीं
नहीं समझ में आ रहा है बात शुरू कहाँ से करूँ? शीर्षक देने का भी मन नहीं हो रहा। मेरी समस्या ये है कि मैं अति संवेदनशील हूँ। कोई भी समस्या सुनती हूँ, तो परेशान हो जाती हूँ। ये परेशान … Continue reading
2010 in review
The stats helper monkeys at WordPress.com mulled over how this blog did in 2010, and here’s a high level summary of its overall blog health: The Blog-Health-o-Meter™ reads Wow. Crunchy numbers The average container ship can carry about 4,500 containers. … Continue reading
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चलो मीठा सा गीत कोई गुनगुनाएं
जाके बीते ज़माने में आज फिर से चलो बचपन की यादों को बीन लायें, भूलकर ज़िंदगी की परेशानियाँ, चलो मीठा सा गीत कोई गुनगुनाएं. … … … … चलो पलटें पुरानी किताबों को आज, बिछड़े यारों की फोटो को फिर … Continue reading
ये हवा बसंती गाती है…
मेरे मन से उनके मन तक एक पतली डोर बँधी सी है, कुछ बात इधर से चलती है कुछ याद उधर से आती है… … … … उनके अन्तस् की व्याकुलता मैं यहाँ बैठ गुन लेती हूँ, मेरी पुकार को … Continue reading







