आराधना चतुर्वेदी ’मुक्ति’
कुछ यादें... कुछ बातें... कुछ अनुभव... कुछ विचार... वादों-विवादों से परे...!
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Tag Archives: बारिश
मैं प्यासी
… जब घुमड़ घिरी घनघोर घटा रह-रहके दामिनी चमक उठी, उपवन में नाच उठे मयूर सौंधी मिट्टी की महक बिखरी, बूँदें बरसीं रिमझिम-रिमझिम सूखी धरती की प्यास बुझी, पर मैं बिरहन प्यासी ही रही… … … … ये प्रकृति का … Continue reading
Posted in कविता सा कुछ/ poetry
Tagged गीत, बादल, बारिश, विरह, विरह-अग्नि, सोंधी खुशबू
34s टिप्पणियाँ
सुनो… मुझे तुम्हारी ये बातें अच्छी लगती हैं.
वो शायद जुलाई की शाम थी या अगस्त की…याद नहीं. हम यूँ ही बातें करने की जगह ढूँढते-ढूँढते सरस्वती घाट पहुँच गए थे. वो जगह खूबसूरत है और हमारी मजबूरी भी क्योंकि इलाहाबाद में घूमने-फिरने के लिए इनी-गिनी जगहों में … Continue reading







