आराधना चतुर्वेदी ’मुक्ति’
कुछ यादें... कुछ बातें... कुछ अनुभव... कुछ विचार... वादों-विवादों से परे...!
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Tag Archives: सोंधी खुशबू
मैं प्यासी
… जब घुमड़ घिरी घनघोर घटा रह-रहके दामिनी चमक उठी, उपवन में नाच उठे मयूर सौंधी मिट्टी की महक बिखरी, बूँदें बरसीं रिमझिम-रिमझिम सूखी धरती की प्यास बुझी, पर मैं बिरहन प्यासी ही रही… … … … ये प्रकृति का … Continue reading
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Tagged गीत, बादल, बारिश, विरह, विरह-अग्नि, सोंधी खुशबू
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मिट्टी का घर, आम का पेड़, झूले, कजरी…सब बीती बातें
मेरे गाँव में बरसों पहले हमारा एक मिट्टी का घर था. आँगन, ओसार, दालान और छोटे-छोटे कमरों वाले उस बड़े से घर से धुँए, सौंधी मिट्टी, गुड़(राब) और दादी के रखे- उठे हुए सिरके की मिली-जुली गंध आती थी. घर … Continue reading
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Tagged आम का पेड़, गाँव, घर, झूले, मिट्टी का घर, यादें, सोंधी खुशबू, natural beauty
23s टिप्पणियाँ
गाँव की मिट्टी
मैं नहीं कहती कि मेरे दामन को तारों से सजा दो चाँद को तोड़कर मेरा हार बना दो मेरे लिये कुछ कर सकते हो तो इतना करो मेरे गाँव की मिट्टी की सोंधी खुशबू ला दो
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Tagged कविता, गाँव, गाँव की मिट्टी, चाँद, प्रेम, सोंधी खुशबू
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