आराधना का ब्लॉग

'अहमस्मि'- अपनी खोज में

मेरे घर आयी एक नन्ही कली

मुझे होली में एक पामेरेनियन पपी उपहार में मिली. मैं उसकी कुछ फोटो अपलोड कर रही हूँ. मैंने उसका नाम कली रखा है. कली बहुत शैतान है. वो या तो खेलती है या फिर सोती रहती है. सोती भी है अजीब-अजीब मुद्राओं में. अभी दो महीने की भी पूरी नहीं हुई है, पर बड़ी अक्ल है उसमें. मेरे बेड पर सोने के लिये चादर खींचती है और मेरे जवाब न देने पर भौंकने लगती है. जब उसे अपनी मम्मी की याद आती है, तो बालकनी में जाकर मुँह ऊपर करके कूँ-कूँ करती है. मैं उसको अभी सुबह-शाम उसकी मम्मी के पास ले जाती हूँ.

कुछ दिन पहले मैं एक पपी को रात में गली से उठाकर ले आयी थी. उसे मैंने एक चाय वाले को दे दिया था. दूसरे दिन जब उससे पूछने गयी, तो उसने कहा कि एक लड़का पपी को ले गया. मैं उसको याद करके इतनी परेशान हुई कि किसी से मेरा दुःख देखा नहीं गया और उन्होंने मुझे ये पपी उपहार में दे दी.

मेरे कुछ मनोवैज्ञानिक दोस्त कहते हैं कि पिल्लों को लेकर तुम्हारी दीवानगी एक मानसिक व्याधि है. वो क्या कहते हैं उसे ओ.सी.डी. (ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर). जिसमें कोई व्यक्ति किसी एक बात के पीछे पड़ जाता है. कुछ लोग सफाई के पीछे इतने पागल हो जाते हैं कि हमेशा अपना हाथ धोते रहते हैं. कुछ लोग किसी और बात के पीछे पड़े रहते हैं. मेरे जैसे लोगों को “मेनेयिक” भी कहा जाता है. तो इसका मतलब यह है कि मुझे “पपी मेनिया” हुआ है. अच्छा शब्द है न.

Advertisements

Single Post Navigation

29 thoughts on “मेरे घर आयी एक नन्ही कली

  1. बहुत ही प्यारा लग रहा है पिल्ला, आपको बहुत-बहुत बधाई , अगली पोस्ट में मेहमान आने की खुशी में हमें मिठाई खिलाईयेगा ।

  2. bahut sundar lagte hei pamerian puppy…..

  3. तस्वीरे खींचने का भी एक मेनिया होता है यह नही बताया ना डोक्टर ने आपको ? मुझे है और यह तस्वीरे देखकर लगता है आपको भी है । सुन्दर तस्वीरेहै।

  4. बड़ा प्यारा पपी है.

    ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर के मरीज तो लगभग सभी ब्लॉग मेनेयिक हैं. 🙂

  5. नहीं है यह कोई गुडिया
    है पूरी आफत की पुडिया
    अब आपके अगले १०-१२ साल की स्वच्छन्दता गयी …
    आयी ऍम रियली सारी फार यू !

  6. जमे रहिये ये कोई डिस ऑर्डर नहीं बल्कि आपके नेचुरल होने की पुष्टि करते है .बस टीका लगवाते रहना .इस कलि का

  7. आपको मैनिया वैनिया कुछ नहीं ..आधे से ज्यादा विदेशी मनोवैज्ञानिक जो इन टर्म्स का निजाद करते है खुद ही इन के सबसे बड़े नमूने होते है ..और मै तो यह मानता हू की दुनिया की ऐसी की तैसी ..हम तो भाई जैसे है वैसे ही रहेंगे दुनिया जाये तेल लेने ..अच्छो को बुरा साबित करना दुनिया की पुरानी आदत है .मै तो कहता हू की अगर मेरे मैनिया से किसी की तकदीर या दुनिया संवर जाए तो फिर मै एक maniac ही सही ..

    वैसे puppy की कुंडली वगैरह दिखवा लीजियेगा ..वरना अपने boyfriend के साथ अगर फुर्र हो गयी तो आपके लिए बुहत मुसीबत हो जायेगी..आप तो जानती है की कुछ ऐसी हवा चली है की कुछ हो न हो शुरू से पर बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड शुरू से ही आपके जीवन में शामिल हो जाते है !!!

    वैसे इसके ग्रह नक्षत्र दुरुस्त है ..किस मजे से आराधना की खटिया:-)) पर सो रही है :-))…

    और देखिये दूध वगैरह अच्छे ब्रांड का कायदे से उबाल के पिलाएगा..चलिए जब यह सब आप कर ले तो शिशु को कैसे बड़ा करते है इसपे भी कुछ लिख देना .कैसे दिन में चार बार मालिश करते है ..कैसे उसको नहलाते धुलाते है ..कैसे शुशु कराते है…और हां स्वेटर वगैरह बुन लेती है की नहीं ..बुन के बेचारी को पहना वहना दीजिये बस खाली लिखती ही पढ़ती रहेंगी :-)) वैसे जब कोई कलि आती है तो माँ बाप शुरू से उसके हाथ पीला करने के बारे में सोचना शुरू कर देते देते है ..आप भी थोड़ी से दुबली हो जाए यह सब सोचकर की हाय राम कौन इसके नसीब में लिखा है !!! वैसे मै तो खुश हो की एक फेमिनिस्ट से इसका पाला पड़ा है..कुछ तो कुछ अलग हट के होगा ही..

    वैसे इसको boyfriend की ज़रूरत हो तो संकोच मत करना..मै हूँ ना ..मेरे घर के सामने बहुत ही अच्छी famliy के क्यूट puppy टहल रहे है ..कुछ सड़क छाप टाइप वाले भी है ..जब ज़रूरत हो तो मैल/फैक्स/ ईमेल /sms कर देना ..वैसे मै मेनका गांधीजी को भी जानता हू ..इसके अधिकारों का हनन हो मुझे बताना ..मै तुरंत उनको चिट्ठी लिखूंगा..इसी बहाने उनसे फिर बात हो जायेगी लम्बे समय के बाद :-))

    और हाँ मै तो आदमियों के स्कूल के बारे में जानता हू puppy के लिए अभी elementary और उच्च शिक्षा के लिए JNU टाइप को कोई संस्थान है की मै कह नहीं सकता पर मै तलाशता हू ..कलि आज के ज़माने में भी न पढ़ पाए वो भी आराधना जी की रहते यह तो घोर अनर्थ हो जाएगा ..स्त्री के अधिकारों को घोर उल्लंघन ..
    जय हो कलि की !

  8. आपको मैनिया वैनिया कुछ नहीं ..आधे से ज्यादा विदेशी मनोवैज्ञानिक जो इन टर्म्स का निजाद करते है खुद ही इन के सबसे बड़े नमूने होते है ..और मै तो यह मानता हू की दुनिया की ऐसी की तैसी ..हम तो भाई जैसे है वैसे ही रहेंगे दुनिया जाये तेल लेने ..अच्छो को बुरा साबित करना दुनिया की पुरानी आदत है .मै तो कहता हू की अगर मेरे मैनिया से किसी की तकदीर या दुनिया संवर जाए तो फिर मै एक maniac ही सही ..

    वैसे puppy की कुंडली वगैरह दिखवा लीजियेगा ..वरना अपने boyfriend के साथ अगर फुर्र हो गयी तो आपके लिए बुहत मुसीबत हो जायेगी..आप तो जानती है की कुछ ऐसी हवा चली है की कुछ हो न हो शुरू से पर बॉयफ्रेंड या गर्लफ्रेंड शुरू से ही आपके जीवन में शामिल हो जाते है !!!

    वैसे इसके ग्रह नक्षत्र दुरुस्त है ..किस मजे से आराधना की खटिया:-)) पर सो रही है :-))…

    और देखिये दूध वगैरह अच्छे ब्रांड का कायदे से उबाल के पिलाएगा..चलिए जब यह सब आप कर ले तो शिशु को कैसे बड़ा करते है इसपे भी कुछ लिख देना .कैसे दिन में चार बार मालिश करते है ..कैसे उसको नहलाते धुलाते है ..कैसे शुशु कराते है…और हां स्वेटर वगैरह बुन लेती है की नहीं ..बुन के बेचारी को पहना वहना दीजिये बस खाली लिखती ही पढ़ती रहेंगी :-)) वैसे जब कोई कलि आती है तो माँ बाप शुरू से उसके हाथ पीला करने के बारे में सोचना शुरू कर देते देते है ..आप भी थोड़ी से दुबली हो जाए यह सब सोचकर की हाय राम कौन इसके नसीब में लिखा है !!! वैसे मै तो खुश हो की एक फेमिनिस्ट से इसका पाला पड़ा है..कुछ तो कुछ अलग हट के होगा ही..

    वैसे इसको boyfriend की ज़रूरत हो तो संकोच मत करना..मै हूँ ना ..मेरे घर के सामने बहुत ही अच्छी famliy के क्यूट puppy टहल रहे है ..कुछ सड़क छाप टाइप वाले भी है ..जब ज़रूरत हो तो मैल/फैक्स/ ईमेल /sms कर देना ..वैसे मै मेनका गांधीजी को भी जानता हू ..इसके अधिकारों का हनन हो मुझे बताना ..मै तुरंत उनको चिट्ठी लिखूंगा..इसी बहाने उनसे फिर बात हो जायेगी लम्बे समय के बाद :-))

    और हाँ मै तो आदमियों के स्कूल के बारे में जानता हू puppy के लिए अभी elementary और उच्च शिक्षा के लिए JNU टाइप को कोई संस्थान है की मै कह नहीं सकता पर मै तलाशता हू ..कलि आज के ज़माने में भी न पढ़ पाए वो भी आराधना जी की रहते यह तो घोर अनर्थ हो जाएगा ..स्त्री के अधिकारों को घोर उल्लंघन ..

    जय हो कलि की !

    • खिंचाई कर रहे हो. कर लो. वैसे यहाँ से भी जलने की गंध आ रही है.

    • हाँ मै तो सुलग रहा हूँ ..जल भी रहा हूँ :-)) लगता है आंच तुम तक पहुंच रही है ..कोई बात नहीं !! Take care :-)) मै तो यह कहने के लिए दुबारा आया कि जरा कलीजी जो एक काला टीका तो लगा दो..किसी कि नज़र लग गयी तो कहा झड्वाओंगी-फुकूवाओंगी:-)) ..एक सज्जन जिनको मै जानता हूँ उन का कोई बेबी मांग ले तो पहले यह सुनिश्चित कर लेते है कि बेबी को काला टीका लगा है कि नही :-)) ..वैसे एक बात और, कोई लोरी वगैरह याद है कि नहीं..सीख लो काम आएगा सिर्फ puppy को ही नहीं औरो को भी सुलाने के काम आएगा जैसे
      “धीरे से आजा री अँखियन में
      निंदिया आजा री आजा, धीरे से आजा
      छोटे से नैनन की बगियन में
      निन्दिया आजा री आजा, धीरे से आजा
      ओ …
      लेकर सुहाने सपनों की कलियाँ, सपनों की कलियाँ
      आके बसा दे पलकों की गलियाँ, पलकों की गलियाँ
      पलकों की छोटी सी गलियन में
      निन्दिया आजा री आजा, धीरे से आजा
      धीरे से …”

      (मूवी:अलबेला)

      Correction in previous response:

      JNU टाइप को कोई संस्थान है की नहीं मै कह नहीं सकता

      स्त्री के अधिकारों का घोर उल्लंघन ..

  9. अले! अले! छो छ्वीट …..

  10. ” ……… उन नॉर्मल लोगों से तो ऐसी एब्नॉर्मिलिटी ही अच्छी, जो
    एक-दूसरे से गाली-गलौज करते रहते हैं ” , — यह अपने साधन पर विश्वास है , या
    अतिविश्वास ?/! ……… अरे इतनी कुफुत काहे को है जी ?/! ………… सफाई देने के बाद यह पलटवार क्यों ?
    ………… अपनी ओर से सफाई पहले से ही दे दूँ कि मेरी वाणी में किसी भी ‘टाइप’ के जलन की बास नहीं है !
    .

  11. बायीं ओर बीच की सोने की अदा तो बहुत प्यारी है -मेरी डेजी भी प्रायः यह सोने की मुद्रा अपनाती है -कितनी क्यूट सी लगती है तब -और हाँ जलने की नहीं दया आ रही है किसी पर -आफतों का जिसे गुमान नहीं है !
    पर ठीक है! यह खता हमने भी की थी ……लम्हों ने खता की सदियों ने सजा पायी ….नोट कर लीजिये डायरी में ! दिनांक सहित ताकि सनद रहे …

  12. बहुत सुन्दर पोस्ट! आखिरी पैरा गैरजरूरी था। उसको हटाकर देखिये।

    कली का आपके पास रहना खुशनुमा रहे। शुभकामनायें।

    • @ … आखिरी पैरा गैरजरूरी था …
      इसी पैरे की बात को कोट करके मैंने भी आपकी इसी इन्गिति को
      अपने ढंग से कहा था पर जाने कैसे मेरी बातें अन्यत्र-छाया की
      शिकार – सी हो गयीं !

  13. मस्त फोटू है …. Cute ….. Worth having OCD for… Enjoy the company ….

  14. कौन कहता है दीवानगी खलल है दिमाग का !
    कहने दो ! आप तो इस पपी के साथ मस्त रहो !
    चित्र खूबसूरत हैं ।

  15. आपका यह पपी मेनिया पढकर अच्छा लगा । पूनम

  16. उन नॉर्मल लोगों से तो ऐसी एब्नॉर्मिलिटी ही अच्छी, जो
    एक-दूसरे से गाली-गलौज करते रहते हैं ” , — यह अपने साधन पर विश्वास है , या
    अतिविश्वास ?/! ……… अरे इतनी कुफुत काहे को है जी ?/! ………… सफाई देने के बाद यह पलटवार क्यों ?
    ………… अपनी ओर से सफाई पहले से ही दे दूँ कि मेरी वाणी में किसी भी ‘टाइप’ के जलन की बास नहीं है !
    .

  17. बहुत सुन्दर पोस्ट! आखिरी पैरा गैरजरूरी था। उसको हटाकर देखिये।

    कली का आपके पास रहना खुशनुमा रहे। शुभकामनायें।

  18. unlike humans dogs only give unconditional love ,understand your mood swings .its always gr8 to be in love with animals.keep this up.

  19. aap ne meri orkut friend request accept kyo nahi ki ?
    (pls rply)

  20. बधाई नये मेहमान की।
    कली अभी तो छोटी है पर एक ना एक दिन तो इसका भी ब्याह करना ही होगा। सोचिये फिर कैसे रह पायेंगी आप इसके बिना?
    🙂

    आपने बार बार हाथ धोने वाले मेनियाकों का जिक्र किया है, मैं भी उसी तरह का हाथ पाँव धोऊ मेनियाक हूँ और इस बीमारी से परेशान भी हूं।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: